मणिमहेश यात्रा का महत्वहिंदू मान्यताओं के अनुसार:
भगवान शिव ने यहां तपस्या की थी जन्माष्टमी के बाद शुरू होने वाली यात्रा को अत्यंत पवित्र माना जाता है कहा जाता है कि जो भक्त सच्चे मन से यहां आता है उसकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं
मणिमहेश झील का धार्मिक महत्व झील के जल को अत्यंत पवित्र माना जाता है शिवरात्रि और जन्माष्टमी के समय यहां भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं झील के पास स्थित शिवलिंग रूपी पर्वत (कैलाश पर्वत) मुख्य आकर्षण है
मणिमहेश यात्रा कैसे करें?🚶♂️ यात्रा मार्ग:
सबसे पहले चंबा (Himachal Pradesh) पहुंचे चंबा से हड़सर (Hadsar) तक सड़क मार्ग हड़सर से आगे पैदल यात्रा शुरू होती है लगभग 13-14 km की ट्रेकिंग के बाद आप मणिमहेश झील पहुंचते हैं
यात्रा में जरूरी बातें गर्म कपड़े जरूर साथ रखें मेडिकल किट अपने साथ रखें ट्रेकिंग शूज पहनें बारिश और बर्फ के लिए तैयार रहें ऊंचाई के कारण ऑक्सीजन की कमी हो सकती है
यात्रा का सबसे अच्छा समय अगस्त से सितंबर (विशेष रूप से जन्माष्टमी के आसपास) इस समय Manimahesh Yatra 2026 सबसे अधिक प्रसिद्ध होती है
क्यों जाएं मणिमहेश?
धार्मिक शांति और आध्यात्मिक अनुभव प्राकृतिक सुंदरता (बर्फ से ढके पहाड़) एडवेंचर ट्रेकिंग अनुभव भगवान शिव के दिव्य दर्शन का अवसर

